हज़ार किमी की अनूठी बाइक यात्रा से डाक सेवाओं का प्रचार कर लौटे वैलियंट वाराणसियन यानी डाक योद्धा: कर्नल विनोद

रिपोर्ट राहुल मेहानी

हज़ार किमी की अनूठी बाइक यात्रा से डाक सेवाओं का प्रचार कर लौटे वैलियंट वाराणसियन यानी डाक योद्धा: कर्नल विनोद

कर्नल विनोद कुमार पोस्टमास्टर जनरल वाराणसी परिक्षेत्र की अगुवाई में इंडिया पोस्ट की सेवाओं का प्रचार प्रसार करने वाली “वैलियंट वाराणसियन बाइक  रेली” आज अपने महाभियान के अंतिम पड़ाव पंडित दीन दयाल उपाध्याय नगर  पहुची जहां डाक विभाग की “ग्राहक संगोष्ठी” का आयोजन किया गया।

इस कार्यक्रम में श्री राजीव कुमार  अधीक्षक डाकघर वाराणसी पूर्वी  मंडल के द्वारा डाक सेवाओं जिनमें बल्क ग्राहक के लिए आकर्षक छूट, डाक घर निर्यात केंद्र, मीडिया पोस्ट, ईपोस्ट, डायरेक्ट पोस्ट, जन सुरक्षा योजनाएं, बचत बैंक योजनाएं, डाक जीवन बीमा एवं इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक द्वारा व्यापारियों की सुगमता हेतु विभिन्न बिंदुओं पर पीपीटी के माध्यम से अवगत कराया गयाl ग्राहको को उनके व्यवसाय के प्रचार प्रसार के लिए डाक विभाग की मीडिया पोस्ट , डायरेक्ट पोस्ट, खुदरा पोस्ट, लॉजिस्टिक पोस्ट की सुविधा के बारे में बताया गया l
कर्नल विनोद कुमार ने कार्यक्रम में उपस्थित व्यापर मंडल के प्रदेश अध्यक्ष श्री चंद्रेश्वर जैसवाल तथा   श्रीमती आराधना गुप्ता, सदस्य किशोर न्याय बोर्ड  तथा सभी उपस्थित व्यापारियों से भारतीय डाक की सभी योजनाओं में निवेश कर लाभ उठाने की अपील  किया l  उन्होंने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के लिये मिलकर काम करने का आह्वान किया l  उन्होंने कहा कि ग्रामीण अंचल के लोगो के विकास हेतु भारतीय डाक विभाग अपने डेढ़ लाख से ज्यादा डाकघरों में की जा सकने वाली  अल्प बचत योजनाओ में  निवेश के साथ डाक सेवा जन सेवा के लिए कटिबद्ध है I  उन्होंनेबताया कि गरीबी अशिक्षा और  समानता की लड़ाई में समस्त डाक परिवार सभी देशवाशियों के साथ है I उन्होंने  ई-पोस्ट सेवा, डोरस्टेप सर्विसेज के साथ हर योजना को जन जन तक पहुचाने का आश्वासन दिया गया l
कर्नल विनोद की  वैलियंट वाराणसियन की टीम ने अपने अभियान में भदोही , जौनपुर, गाजीपुर , बलिया तथा चंदौली समेत पांच जिलो में डाक प्रचार कर वाराणसी लौटी I इस टीम ने करीब 1000  किलोमीटर से अधिक दूरी तय किया और हजोरों लोगो को डाक विभाग कि विभिन्न योजनाओं से जोड़ा I  इस अभियान में लगभग चालीस  हज़ार से अधिक बचत खाते, 1800 सुकन्या समृद्धि के खाते खोले गये, 100 महिला सम्मान बचत पत्र, 4500 ग्राहकों का डाक जीवन बीमा किया गया एवं 21 संपूर्ण सुकन्या ग्राम, 15 महिला सम्मान बचत ग्राम, 12 संपूर्ण बीमा ग्राम बनाये जा चुके हैं|
  कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कर्नल विनोद कुमार ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में उत्कृष्ट कार्य करने वाले डाक कर्मचारियों को भी  सम्मानित एवं पुरष्कृत किया गया l  कार्यक्रम में  सुश्री पल्लवी मिश्रा सहायक अधीक्षक डाकघर वाराणसी के साथ  अन्य डाककर्मी उपस्थित रहे |

चंदौली पी डी डी यू नगर! पब्लिक इंटरेस्ट थिंकर्स असेंबली” पिता” संस्था  द्वारा प्रताड़ित पतियों पर संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस चर्चा के केंद्र में था बेंगलुरु में  अतुल सुभाष  नामक एक इंजीनियर द्वारा लिखा सुसाइड नोट और उस सुसाइड नोट पर उसका  लाईव वीडियो जिसमें उसने अपने आत्महत्या के कारणों के साथ इस कारण में अपनी तथा अपने पत्नी और ससुराल पक्ष के धन लोलुपता, भारतीय न्याय पद्धति के गुण दोष, न्याय और न्यायालय की गतिविधियों का चर्चा करते हुए अपनी प्रताड़ना और अपनी अंतिम इच्छा तक को समाज और न्यायिक तंत्र के समक्ष रखा है.
अतुल सुभाष कोई अकेला प्रताडित नहीं पुरुषों में बढ़ती आत्महत्या इस विषय की गंभीरता इस चर्चा को समाज की जरूरत बना दिया आयोजक संस्था ने इस चर्चा के पीछे जो कारण रखे हैं उसमे समाजिक दायित्व और न्यायिक प्रक्रिया में सुधार की मांग है.
यह कार्यक्रम नगर के श्री दर्शन वेला के सभागार में आयोजित हुआ जिसमें  वरिष्ठ अधिवक्ता सदानन्द सिंह महिला पक्ष विशेष  वरिष्ठ अधिवक्ता महेन्द्र प्रताप सिंह,
दिवानी और फौजदारी   पक्ष से  वरिष्ठ अधिवक्ता ज्ञान प्रकाश सिंह  के नेतृत्व में युवा और महिला अधिवक्ताओं का एक पैनल इस चर्चा का हिस्सा रहा वही पत्रकार दीर्घा से इस चर्चा में वरिष्ठ पत्रकारों की संवेदनशील सत्य दृष्टि का नेतृत्व पत्रकार.  पवन कुमार तिवारी के साथ.             पत्रकार बंधुओं की सहभागिता हुयी. प्रबुद्ध दीर्घा में रिटायर पुलिस अधिकारी, समाज सेवी, यूनियन का नेतृत्व करने वाले, समाज के सभी वर्गों के साथ महिला प्रमुखों की भी सहभागिता रही. इस चर्चा में प्रताड़ित भुक्तभोगी यों की  उपस्थित सुनिश्चित कर रही थी की महिला अपने प्रति सामाजिक निष्ठा और न्यायिक अधिकार को अब  वो एक आत्मघाती हथियार की तरह प्रयोग करने की ओर बढ़ चली हैं.
यह चर्चा आत्महत्या से अपनी जीवन लीला समाप्त करने वाले युवा वर्ग की समस्या से जुड़ी रही  जो विवाह और प्रेम की जीवन  प्रथा  को एक कुरीति और भय का नाम दे रही. यह आत्महत्या  उस घटना को सार्वजनिक करती  है  जिसमें मरने वाला अपने  मौत से पूर्व कुछ सवाल अपनी ओर से  छोड़ गया.एक पढ़ा लिखा इंजीनियर काफी ऊंची वेतन भुगतान पाने वाला आखिर किस प्रताड़ना मे था जो इस प्रकार विवश हुआ उसकी न्याय की गुहार क्या  है? यह न्याय पद्धति  कितना न्याय प्रिय है? विशेषाधिकार का दुरुपयोग कितना घातक? आदि  इन सभी विषयों को जोड़ता “अतुल सुभाष की मौत” हत्या, आत्महत्या या न्यायिक दोष “विषय पर यह चर्चा चार सत्र में हुयी पहले सत्र में विषय और घटना परिचय जिसका संचालन सतनाम सिंह( सोशल एक्टिविस्ट) दूसरे सत्र चर्चा नियम और घटना परिचय महिला अधिवक्ता श्वेता सिद्धिदात्री और चर्चा काल का संचालन युवा पत्रकार राजेश गोस्वामी तथा प्रश्न काल का संचालन चर्चा संयोजक चंद्र भूषण मिश्र कौशिक ने किया.

इस संवाद पर चर्चा में “पिता” संस्था के सदस्य, जैसे कुलविंदर सिंह, आनंद, अमित महलका, अजहर अंसारी, योगेंद्र यादव अल्लू, बिजेंद्र सिंह, दिनेश शर्मा, रवनीत सिंह, हमीर शाह,  नीतीश कुमार, प्रवीण यदुवेंदु, प्रिया जैस, राजेश गुप्ता, रीना जी, रुचिका शाह, श्वेता जी, तनवीर अंसारी, तारीक जी, विकास खरवार, विकास आनंद और अन्य सदस्य मौजूद रहे।

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