समाचार शीर्षक: विधायक श्री रमेश जायसवाल ने 10 लाख की लागत से बने सड़क का उद्घाटन किया, जनता ने पोखरे की सफाई और जलभराव पर जताई चिंता – मुगलचक अलीनगर वार्ड 9

रिपोर्ट संजय रस्तोगी

स्थान: मुगल चक, वार्ड नंबर 9
दिनांक: 2 मई 2025

समाचार शीर्षक: विधायक श्री रमेश जायसवाल ने 10 लाख की लागत से बने सड़क का उद्घाटन किया, जनता ने पोखरे की सफाई और जलभराव पर जताई चिंता

आज मुगल चक, वार्ड नंबर 9 में स्थित पानी टंकी के पास विधायक श्री रमेश जायसवाल जी अपने विधायक निधि से निर्मित 10 लाख रुपये की लागत वाली नई सड़क के उद्घाटन के लिए पधारे। मौके पर क्षेत्रीय जनता ने विधायक जी से वार्ता की और वर्तमान में हो रहे निम्न गुणवत्ता के निर्माण कार्यों पर अपनी नाराजगी जाहिर की।

लोगों ने बताया कि हाल ही में बन रही सड़कों की गुणवत्ता इतनी खराब है कि वे कुछ ही दिनों में टूटने लगती हैं। साथ ही मुहल्ले में स्थित पुराना पोखरा (तालाब) पूरी तरह से गंदगी और दूषित पानी से भरा है, जिससे स्थानीय निवासियों का रहना कठिन हो गया है।

इस विषय पर विधायक जी से आग्रह करने पर उन्होंने मौके पर ही SDM को कॉल कर स्थिति से अवगत कराया और जल्द ही तालाब की सफाई और विकास कार्य करवाने का आश्वासन दिया।

स्थानीय जनता को अब उम्मीद है कि प्रशासन इस पर शीघ्र कार्य करेगा और वार्ड की वर्षों पुरानी समस्याओं का समाधान होगा।

अधिकारियों के आदेश को मातहत दिखा रहे ठेगा
चहनियां चन्दौली।
क्षेत्र के प्रभुपुर गावं में अराजी नं0 311पर चकरोड बनवाने के लिए पिड़ित वायुनन्दन त्रिपाठी ने उपजिलाधिकारी व खण्ड विकास अधिकारी के यहा प्रार्थना पत्र देकर गुहार लगाया गया। लेकिन उच्चाधिकारियां के आदेश के बावजूद भी मातहत सचिव व प्रारम्भ कार्य कराना उचित नही समझ रहे है। वही पिड़ित वायुनन्दन ने खण्ड विकास अधिकारी से बार-बार मिलने के पर खण्ड विकास अधिकारी ने दो दिन के अन्दर काम लगवाये जाने का आश्वासन देकर प्रार्थी को शान्त कराया। इस संबंध में तत्कालीन एडीओ पंचायत ने सचिव को कार्य कराने का लिखित आदेश दिया था लेकिन सचिव द्वारा उसे नजर अंदाज करते हुए कार्य कराना उचित नही समझा। ग्राम प्रधान चुनावी रंग में रंग कर आलाधिकारियां के आदेश को ठेगा दिखाते हुए ठंण्डे बस्ते में डाल दिया है। अधिकारियों के आदेश को दो-दिन, चार-दिन करते-करते मातहत सचिव व ग्राम प्रधान दो माह बिता दिए। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि अधिकारियों का आदेश का कितना मातहत पालन करते है। अधिकारियों ढ़ुलमुल रवैया पूर्ण आदेश से तंग आकर पिड़ित आमरण अनशन करने का बाध्य हो गया। वही पिड़ित वायुनन्दन ने आलाधिकारियों चेताते हुए कहा कि अगर जल्द से जल्द कार्य प्रारम्भ नही करवाया तो प्रार्थी आमरण अनशन को बाध्य होगा जिसकी सारी जिम्मेदारी मातहतों की होगी।

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