क्षेत्राधिकार महोदय द्वारा कराया गया दो पक्ष का विवादित समझौता

क्षेत्राधिकार महोदय द्वारा कराया गया दो पक्ष का विवादित समझौता

मुगलसराय कालीमहल चित्रभुजपुर दो परिवार में हुए जमीनी विवाद को लेकर काफी समय से दोनों परिवार परेशान थे जिसकी सूचना अधिकारी को मिलते ही दोनों परिवार को बुलाकर के समझौता करने का काम किया गया । पहला पक्ष अनुराधा जायसवाल पत्नी किशन जयसवाल एवं दूसरा पक्ष सूरज चंद तिवारी मैं जमीन को लेकर विवाद था सूरज चंद तिवारी ने पूरा पैसा लेकर कम जमीन अनुराधा जायसवाल को रजिस्ट्री की थी, बचा हुआ पैसा अनुराधा जायसवाल द्वारा मांगने पर सूरज चंद तिवारी नकार रहे थे, बाद में सूरज चंद तिवारी ने कहा कि मैं 6 माह के अंदर सारा पैसा उनको वापस कर दूंगा और अपनी जमीन भी ले लूंगा, यह पूरा मामला स्टांप पेपर पर लिख कर दोनों पक्ष द्वारा हस्ताक्षर करके क्षेत्राधिकार कार्यालय में जमा है।

मानवाधिकार न्यूज़ की ओर से मज़दूरों को समर्पित एक अपील
“फिर से चाहिए 8 घंटे का अधिकार –
मज़दूर न किसी का ग़ुलाम है, न कोई व्यापार!”

आज 1 मई – अंतर्राष्ट्रीय मज़दूर दिवस है। यह वह दिन है जब पूरी दुनिया उन मेहनतकश हाथों को सलाम करती है, जिन्होंने अपने खून-पसीने से दुनिया का निर्माण किया है।
लेकिन आज एक बार फिर वही सवाल खड़ा है –
क्या हमारे मज़दूरों को वह सम्मान, वह अधिकार मिल पा रहे हैं जिसके लिए उन्होंने लड़ाई लड़ी थी?

1886 में अमेरिका के शिकागो में जब मज़दूरों ने 8 घंटे की शिफ्ट के लिए अपनी जानें दीं, तब जाकर यह अधिकार मिला।
मगर आज फिर वही मज़दूर 12 से 18 घंटे काम करने को विवश है –
कम मज़दूरी, ज़्यादा काम, और सम्मान शून्य।

मानवाधिकार न्यूज़ की ओर से हम यह स्पष्ट संदेश देना चाहते हैं:

8 घंटे का काम मज़दूर का हक़ है, एहसान नहीं।

हर श्रमिक को सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य, और काम का सुरक्षित वातावरण मिलना चाहिए।

मज़दूर को कोई ठेके का सामान न समझें – वह भी एक इंसान है, जिसके सपने हैं, परिवार है, और जीने का हक़ है।


आज की सबसे बड़ी ज़रूरत है –
मज़दूरों की आवाज़ को फिर से बुलंद करना।
उनके हक़ के लिए एकजुट होना।

हमारा संकल्प:
“रोटी भी चाहिए, इज़्ज़त भी चाहिए,
इंसान हैं हम – गुलाम नहीं!”

आपका
संजय रस्तोगी
राष्ट्रीय अध्यक्ष – मानवाधिकार न्यूज़

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