विरोध यात्रा  एवं जन आक्रोश यात्रा

विरोध यात्रा एवं जन आक्रोश यात्रा

आज दिनांक 22 8 2024 को एक विशाल जुलूस केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएसन जनपद चंदौली के तत्वाधान में माननीय विधायक रमेश जायसवाल जी के नेतृत्व में
बांग्लादेश में हो रहे हिंदुओं के ऊपर अत्याचार एवं शोषण के विरोध में एवं कोलकाता रेप पीड़ित के इंसाफ के लिए मांग करते हुए ।
एक विशाल जुलूस संस्था के कैंप कार्यालय से निकाल करके बारिश में भीगते हुए सुभाष पार्क तक जाकर के समाप्त हुआ। जिसमें मुख्य रूप से पंकज शर्मा,रोहिताश पाल ,शिवकुमार जायसवाल, डीके जायसवाल ,अमित जायसवाल मनोज यादव मनोज केसरी आशुतोष जायसवाल पिंटू जायसवाल लोगों सम्मिलित थे जिसकी अध्यक्षता संगठन के अध्यक्ष श्री दिनेश चंद्र जायसवाल ने किया।

संवाददाता राहुल मेहानी

खेल मंसिक विकास की कुंजी-प्रभुनारायण27वीं जिलास्तरीय माध्यमिक शिक्षा परिषदीय खेलकूद प्रतियोगिता का हुआ शुभारम्भचहनियां चन्दौली।क्षेत्र स्थित बाल्मीकी इण्टर कालेज बलुआ के प्रांगण में 27वीं माध्यमिक शिक्षा परिषदीय विद्यालयां की जिलास्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता का शुभारम्भ गुरूवार को सकलडीहा विधायक प्रभु नारायण सिंह यादव ने मॉ सरस्वती के तैलचित्र पर माल्यार्पण करते हुए ध्वजारोहण कर किया।खेलकूद प्रतियोगिता का शुभारम्भ करते हुए विधायक ने कहा कि बाबा बाल्मीकि महर्षि की इस पावन धरती और मॉ गंगा के तट पर स्थित बालमीकि इण्टर कालेज के एतिहासिक धरती पर आज 27वीं जिला स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन मन को प्रफुल्लित रहा है और एहसास करा रहा है कि मैं भी इसी विद्यालय अपनी शिक्षा ग्रहण कर आप लोगो के आर्शिवाद से मै इस क्षेत्र का सेवक बना। मैं विद्यालय के शिक्षक व जनपद से आये तमाम प्रधानाचार्य खेल प्रशिक्षुकों के प्रति अपना आभार व्यक्त कर रहा हूॅ। श्री यादव ने कहा कि शिक्षा के साथ छात्रों में खेल की आवश्यकता होती है जिससे उनका शारीरिक व मानसिक विकास होता है। सबसे गंभीर व सोचनीय विषय तो यह है कि जनपद में कुल 34विद्यालय चल रहे है। जनपदस्तीय प्रतियोगिता में केवल 13विद्यालय ही प्रतिभाग किए है। इस पर विद्यालय सहित समस्त अभिभावकों को सोचना पड़ेगा तभी बच्चों का सर्वागीण विकास सम्भव हो पायेगा। इस दौरान जिला विद्यालय निरीक्षक देवेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि ऐसे खेलो का आयोजन होना चाहिए और समस्त विद्यालयों को बढ़-चढ़कर प्रतिभाग करना चाहिए ताकि बच्चों का सर्वागीण विकास हो सके। जनपद के 13विद्यालयों के बच्चों द्वारा जो प्रदर्शन किया गया है वह काबिले तारिफ है। श्री सिंह ने कहा कि खेलकूद प्रतियोगिता सम्पन्न के उपरान्त एक समस्त विद्यालयो की बैठक बुलाई जायेगी। जिसने प्रतियोगिता में प्रतिभाग नही किया है उसे कारण बताओं को नोटिस जारी की जायेगी। सरकार की मंशा है कि शिक्षा के साथ-साथ बच्चों का सर्वागीण विकास करना है ताकि वे हर क्षेत्र में अपना परचम लहराते हुए आत्म निर्भर बन सके।इसीक्रम में मार्च पास्ट में अमर शहीद इण्टर कालेज शहीद गाव प्रथम, बाल्मीकि इण्टर कालेज बलुआ द्वितीय, सीनियर वर्ग गोला फेक में बाल्मीकी इण्टर कालेज के हर्षित प्रथम, अमर शहीद इण्टर कालेज शहीद गाव के साहब यादव द्वितीय, जूनियर बालिका गोला प्रक्षेप में सोनी कुमारी प्रथम इण्टर कालेज कमालपुर, संजना कुमारी द्वितीय अशोक इण्टर कालेज बबुरी, 600मीटर दौड़ में सब जूनियर बालिका वर्ग में आंचल प्रथम कम्पोजिट विद्यालय रानेपुर, हाईजम्प सीनियर बालक वर्ग में आर्दश विश्वकर्मा प्रथम बाबा कीनाराम इण्टर कालेज रामगढ़, नागेश्वर पटेल द्वितीय अमर शहीद इ0का0 शहीदगाव, सब जूनियर बालिका वर्ग आयुषि यादव प्रथम बाल्मीकी इ0का0बलुआ, दीपांशी द्वितीय राष्ट्रीय इ0का0 सदलपूरा रहे। इस दौश्रान एमएलसी शिक्षक आशुतोष कुमार सिंह, श्यामसुन्दर सिंह, धनन्जय सिंह, प्रामेद कुमार, राजेश यादव, राजेन्द्र पाण्डेय, नन्दलाल गुप्ता, मनोज कुमार सिंह, केशव प्रसाद श्रीवास्तव, पुनील सिंह, दीलीप सिंह, सहित सैकड़े गणमान्य उपस्थित रहे। आगन्तुकां का आभार प्रधानाचार्य विरेन्द्र प्रताप तिवारी ने किया और संचालन प्रदीप कुमार सिंह ने किया।

धनुष टूटने का दृश्य देख दर्शक हुए गदगद -शेरवां खखडा गांव में आयोजित श्री राम कथा केतिसरे दिन शुक्रवार की कथा वाचक पंडित मंगलम दीप महाराज कथा में बतलाया कि शिव धनुष टूटते ही चारों तरफ हर-हर महादेव व जय श्रीराम के नारे से पूरा पांडाल सहित गांव गुजायमान हो गया। इस दौरान राजा जनक के सीता स्वयंवर के लिये रखे गये शर्त को जब कोई राजा, देव-दानव-मानव पूरा नही कर पाए तब महाराज जनक निराश हो गये और उन्होने अपनी निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि यदि मैं यह समझता कि यहां कोई भी वीर पुरूष नही सभी का-पुरूष ही का-पुरूष है। तो मैं अपनी बेटी के लिए एेंसा शर्त नही रखता। स्वयंर देखने के उद्देश्य से पहुचे लक्षमण तुरन्त ही उनको बातों से कुद्ध होकर कहे महाराज जनक रघुवंशियो के समक्ष इस तरह के शब्द बोलने का किसी को कोई अधिकार नही यह धनुष क्या चीज है अगर बड़े भैया का आदेश हो तो मैं पूरी पृथ्वी को गेद तरह उठाकर पटक कई टुकड़े कर दूं। जिस पर गुरू विश्वामित्र व प्रभुराम ने लक्षमण को समझाते हुए शान्त करवाया और महाराज जनक की निराशा को आशा में तब्दील करते हुए शुभ-मुहुर्त में विश्वामित्र के आदेशानुसार प्रभु श्रीराम ने धुनष पर तमंचा चढ़ाने गये और तमंचा चढ़ाते ही वह टूट गया। धनुष के टूटते ही चारो तरफ हर-हर महादेव, व जय श्रीराम के नारे से पूरा गांव सहित पंडाल गुजायमान हो गया। इस दौरान कथा में उपस्थित मंगल मिश्रा, सूर्य बली यादव, चंद्रभूषण त्रिपाठी, वशिष्ठ नरायण त्रिपाठी,बिशाल,मनोहर, अशोक मिश्रा, सहित सैकड़ो की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।